Almighty kabir saheb
परमेश्वर कबीर साहेब जी "हाड़ चाम लहू नहीं मेरे, कोई जाने सतनाम उपासी। तारण तरण अभय पद दाता, मैं हूं कबीर अविनाशी।।" परमेश्वर कबीर साहेब का पांच तत्व से बना शरीर नहीं है, पूर्ण परमेश्वर कबीर साहेब ने काशी में लहरतारा नामक तालाब के जल में कमल के फूल पर स्वयं प्रगट होकर बालक रूप बनाया था वहाँ से परमेश्वर को नीरू नीमा नामक दंपत्ति उठाकर अपने घर ले आये थे।।उस परमेश्वर की परवरिश कुँवारी गायो से हुई थी।। शास्त्रो में प्रमाण:- वेदों में कविर्देव, गुरु ग्रन्थ साहेब में हक्का कबीर तथा कुरान शरीफ में अल्लाह कबीरन्) नाम से कबीर साहेब के पूर्ण परमात्मा होने की सम्पूर्ण जानकारी है कबीर परमात्मा की लीलाएं:- वैश्या का उद्धार:- परमेश्वर कबीर जी रात्रि में घर-घर में सत्संग करते थे। दिन में अपने निर्वाह के लिए सब श्रोता तथा कबीर जी कार्य करते थे। एक रात्रि में सत्संग चल रहा था। थोड़ी दूर...